ज़रा ग़र्ज़ सुनादे बहरों को.
अब भला आसमान तकने से क्या होगा
ज़मीन पर जॅमा दे पैरों को,
आप खुद हैं आपके वो अपने हैं,
थम के देख आज एकबार गैरो को,
होसला करके फाँद जा अब तो इनको,
कब तलक देखेगा इन लहरों को,
मॅन में ठाना है तो करके दिखा,
तोड़ दे आज लगे सारे पहरों को.
कब तलक चुपचाप सहेगा ज़ुल्म,
ज़रा ग़र्ज़ सुनादे बहरों को.